लिखें। सोचें। आत्मा से जुड़ें।
इस नवकार मंत्र जर्नल के साथ शांति और ध्यान का एक गहरा अनुभव लें। यह पुस्तक हर उम्र के लिए उपयुक्त है और इसमें मंत्र लेखन, जैन दर्शन पर आधारित पहेलियाँ, मूड ट्रैकर और आत्मचिंतन के पृष्ठ शामिल हैं।
रोज़ाना की साधना के लिए यह पुस्तक शांति, ध्यान और आत्मिक विकास को बढ़ावा देती है।
चाहे आप शुरुआत कर रहे हों या गहराई से साधना में हों – यह पुस्तक आपके अंदर की दुनिया से जुड़ने का सच्चा साधन बन सकती है।
I Want to Go Home: A Journey of Writing and Chanting Navkar Mantra (Hindi Language)
Estimated delivery dates: Apr 29, 2026 - May 4, 2026
₹2,999.00
जय जिनेंद्र , मैं हूँ डींपल शाह — 32 वर्षीय एक नई लेखिका। यह मेरा पहला प्रयास है और इस पुस्तक के ज़रिए मैं अपने जीवन की एक नई दिशा की शुरुआत कर रही हूँ। मैं जैन धर्म से हूँ, हालाँकि मैं खुद को बहुत आध्यात्मिक नहीं मानती, फिर भी, नवकार मंत्र ने हमेशा मुझे भीतर से खींचा है — और आज यह मेरा आत्मिक सफर बन गया है।
मैं इन्टर सीऐ हूँ और पिछले ५ वर्षों से अकाउंट्स फील्ड में काम कर रही थी। अब मैं अपने भीतर की खोज में एक नया रास्ता अपना रही हूँ, जिसमें यह किताब एक पहला कदम है।
मैंने देखा है कि खासकर बड़े लोग, मंतर लेखन को बहुत शांति और भक्ति से करते हैं। वहीं से यह विचार आया कि क्यों न नवकार मंत्र पर आधारित एक ऐसी किताब बनाई जाए जो मन को भी शुद्ध करे और आत्मा को भी जोड़े।
यह पुस्तक मेरे लिए सिर्फ़ लेखन नहीं, आत्म-अन्वेषण का माध्यम है। मैं अभी भी खुद को और अपनी मंज़िल को ढूँढ रही हूँ — और आशा है कि यह पुस्तक आपकी भी आत्मिक यात्रा में साथी बनेगी।
मैं इन्टर सीऐ हूँ और पिछले ५ वर्षों से अकाउंट्स फील्ड में काम कर रही थी। अब मैं अपने भीतर की खोज में एक नया रास्ता अपना रही हूँ, जिसमें यह किताब एक पहला कदम है।
मैंने देखा है कि खासकर बड़े लोग, मंतर लेखन को बहुत शांति और भक्ति से करते हैं। वहीं से यह विचार आया कि क्यों न नवकार मंत्र पर आधारित एक ऐसी किताब बनाई जाए जो मन को भी शुद्ध करे और आत्मा को भी जोड़े।
यह पुस्तक मेरे लिए सिर्फ़ लेखन नहीं, आत्म-अन्वेषण का माध्यम है। मैं अभी भी खुद को और अपनी मंज़िल को ढूँढ रही हूँ — और आशा है कि यह पुस्तक आपकी भी आत्मिक यात्रा में साथी बनेगी।
Description
Additional Information
| Weight | 0.75 kg |
|---|---|
| Dimensions | 27.87 × 21.6 × 2.3 cm |
| Binding Type | Hardbound |
| Languages | |
| Publishers |
Reviews
Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.
![Front[1] I Want to Go Home: A Journey of Writing and Chanting Navkar Mantra (Hindi Language)](https://www.ziffybees.com/wp-content/uploads/2025/05/Front1-4-scaled.jpg)
Reviews
There are no reviews yet.