यह पुस्तक ‘परिचय’ की पहली कृति है, जिसमें वह अपनी सोच, अनुभव और भावनाओं को दर्शाने का प्रयास करता है। सरल हिंदुस्तानी भाषा में लिखी गई यह रचनाएँ विभिन्न पहलुओं—प्रेम, संघर्ष, समाज, विचार और आत्म-खोज—को सहजता से प्रस्तुत करती हैं। पुस्तक को विभिन्न वर्गों में बाँटा गया है, ताकि पाठक अपनी पसंद के अनुसार पढ़ सके। कहीं प्रेम की मासूमियत है, तो कहीं जीवन की कठोर सच्चाइयाँ; कहीं समाज पर प्रश्न हैं, तो कहीं खुद से संवाद। ‘परिचय’ अपनी पहचान खुद तय करने की बात करता है और यही इस पुस्तक का मूल भाव भी है। यह सिर्फ रचनाओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक यात्रा है—एक ऐसे लेखक की, जो अभी सीख रहा है, समझ रहा है और अपने शब्दों के माध्यम से दुनिया को देखने की कोशिश कर रहा है।
आलेखम[Aalekham]
Estimated delivery dates: May 15, 2026 - May 20, 2026
₹215.00
‘परिचय’ एक युवा लेखक हैं। ‘परिचय’ उनका pen name है, जिसे उन्होंने खुद चुना है। उन्हें बचपन से ही कहानियाँ और कविताएँ पढ़ने और लिखने का शौक रहा है। धीरे-धीरे यही शौक उनकी आदत बन गया। वे खुद को अभी सीखने की अवस्था में मानते हैं। उनका मानना है कि अभी उन्हें दुनिया को समझना है, लोगों को सुनना है और अलग-अलग नजरियों को जानना है। उनकी रचनाएँ उनकी आज की सोच को दिखाती हैं, जो समय के साथ बदल भी सकती है। वे सरल हिंदुस्तानी भाषा में लिखते हैं, ताकि आम लोग आसानी से उनकी बात समझ सकें। उनके लिए लिखना सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि अपनी बात ईमानदारी से कहने का एक तरीका है।
Description
Additional Information
| Weight | 0.35 kg |
|---|---|
| Dimensions | 20.32 × 12.7 × 1.5 cm |
| Binding Type | Paperback |
| Languages | |
| Publishers |
Reviews
Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.
![आलेखम[aalekh] आलेखम[aalekh]](https://www.ziffybees.com/wp-content/smush-webp/2026/05/1.jpg.webp)
![आलेखम[aalekh]](https://www.ziffybees.com/wp-content/smush-webp/2026/05/1-100x100.jpg.webp)
Reviews
There are no reviews yet.