‘इंडियाज़ व्हील ऑफ जस्टिस’ भारतीय कानूनी व्यवस्था—इसके वादों, चुनौतियों और बदलती वास्तविकताओं—की एक सशक्त और विचारोत्तेजक पड़ताल है।
एक तीक्ष्ण कानूनी सूझ-बूझ रखने वाले और समाज में बदलाव लाने के इच्छुक लेखक, ऋतुराज विलास आसने द्वारा लिखित यह पुस्तक जटिल कानूनी विचारों को छात्रों, नागरिकों और न्याय व शासन में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए स्पष्ट और सुलभ तरीके से प्रस्तुत करती है।
संविधान की नींव से लेकर अदालतों, पुलिस और सार्वजनिक संस्थानों की आंतरिक कार्यप्रणाली तक, यह पुस्तक इस बात पर एक नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण (citizen-centric perspective) प्रदान करती है कि दैनिक जीवन में कानून कैसे काम करता है। यह न्याय तक पहुंच, कानूनी सहायता, न्यायिक जवाबदेही, और ‘कागजों पर लिखे कानून’ व ‘व्यवहार में लागू कानून’ के बीच के अंतर जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विश्लेषण करती है।
एक ही समय में ज्ञानवर्धक और समय की मांग को दर्शाती, ‘इंडियाज़ व्हील ऑफ जस्टिस’ महज एक किताब नहीं है—यह उस कानूनी प्रक्रिया को समझने, उस पर सवाल उठाने और उसमें भागीदारी करने का एक आह्वान है, जो हमारे राष्ट्र को आकार देती है।






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