“Love Without Lineage: A Novel of Survival, Stigma, and the Journal to Chosen Family” has been added to your cart. View cart
- Book Name : Anant Aastha – Faces of Faith Rajnish Kumar is a passionate writer and lifelong admirer of India’s spiritual and cultural heritage. With a deep connection to the timeless traditions of faith, he has devoted himself to exploring the stories, deities, and sacred places that shape India’s spiritual fabric. In Anant Aastha – Faces of Faith, Rajnish presents a heartfelt exploration of thirty lesser-known deities and sacred places of India, blending historical significance with cultural essence. His writing reflects a unique ability to bring alive the power of devotion, love, and spiritual energy that these traditions embody. This book is not just a collection of divine narratives but a spiritual journey—an offering to the living spirit of faith that has guided generations. Through his simple and evocative style, Rajnish aims to connect readers with their roots and inspire them to rediscover the beauty of Indian spirituality.₹299.00in ReferenceSku: 9789367072165
Anant Aastha – Faces of Faith: Lok astha mein base Devta
- -3%रजनीश कुमार एक संवेदनशील, विचारशील और भावनाओं से जुड़ा लेखक हैं, जो जीवन के छोटे-छोटे पहलुओं में छिपे बड़े अर्थों को समझने और सरल शब्दों में प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। उनका मानना है कि बच्चों और युवाओं को सही दिशा, विचार और भावनात्मक समझ देना केवल एक ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि एक आवश्यक सेवा है। लेखक का जीवन अनुभव विविध रहा है—उन्होंने शिक्षा, समाज, नैतिकता, आध्यात्मिकता, और जीवन मूल्यों को नज़दीक से देखा और जिया है। उनके लेखन में समाज के प्रति जागरूकता, मानवीय करुणा, और बच्चों के मानसिक विकास के लिए गहरी चिंता स्पष्ट रूप से झलकती है। वे मानते हैं कि आज का बच्चा ही कल का समाज गढ़ेगा—इसलिए उसका सोचने का ढंग, समझने की शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होनी चाहिए। रजनीश कुमार का यह लेखन सफर एक साधारण सोच से शुरू हुआ था—“यदि हम अपने बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही देते रहेंगे, तो वे जीवन की वास्तविकता से अनभिज्ञ रह जाएंगे।” इसी सोच ने उन्हें प्रेरित किया कि वे अपनी कलम के माध्यम से बच्चों के लिए ऐसे विषयों पर लिखें जो न केवल उन्हें सोचने पर मजबूर करें, बल्कि उनके अंदर मानवीय मूल्यों और व्यावहारिक समझ का विकास भी करें।उनकी लेखनी में भावनाएँ मुखर होती हैं, विचार सुलझे हुए होते हैं और भाषा सहज होती है। उन्होंने बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को ध्यान में रखकर ऐसे विषयों को छुआ है जो रोज़मर्रा के जीवन में आम होते हुए भी अक्सर अनदेखे रह जाते हैं—जैसे कि भोजन की बर्बादी, कॉमन सेंस की कमी, डिजिटल लत, पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनहीनता, और पारिवारिक मूल्यों का क्षरण। इस पुस्तक के माध्यम से वे बच्चों और युवाओं को आत्ममंथन, करुणा, समय की क़द्र, संबंधों की समझ और सोचने की स्वतंत्रता की दिशा में ले जाना चाहते हैं। साथ ही, उन्होंने यह पुस्तक उन सभी शिक्षकों, अभिभावकों और मार्गदर्शकों को समर्पित की है जो बच्चों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। रजनीश कुमार आज भी सीखने, सोचने और लिखने की यात्रा पर हैं—हर अनुभव को एक नई दृष्टि से देखने और उसे भावों में पिरोकर साझा करने के लिए समर्पित।
₹299.00Original price was: ₹299.00.₹289.00Current price is: ₹289.00.in BooksSku: 9789367079980संस्कार सरोवर – भाग 1: संवेदना, संस्कार और समझदारी

