- -3%राकेश कुमार को मथुरा की संस्कृति और संस्कार विरासत में मिले हैं। जान पाना कठिन है कि मानसिक दक्षता इन संस्कार से मिली है अथवा जन्म से ही आने वाली आकस्मिक चुनौतियों से लड़कर? कारण कुछ भी रहे हों, वे अपनी इस योग्यता से समाज और व्यवसायिक जगत बेहतर बनाने को सहयोग कर रहे है। निगमित क्षेत्र में शीर्ष पदों पर कार्य करने के कारण मित्र और परिवारजन कह सकते है कि उन्होने बहुत किया पर राकेश को लगता है अभी 75 प्रतिशत आना शेष है। पिछले 35 वर्ष से योगाभ्यास करते हैं, अध्यात्म और संतों में गहरी रुचि है। वे सामाजिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय महत्व के विषय पर बेबाकी से लिखते है और देश विदेश मे लोग उन्हे शौक से पढते और फालो करते है। हाल ही मे उन्होने पुस्तक लेखन प्रारंभ किया है। उनकी लोकप्रिय पुस्तक 'देसी मैनेजर' हिंदी अंग्रेजी के साथ साथ नौ भारतीय भाषाओं में प्रकाशित हुई। उनके पास दृष्टिकोण है, अनुभव है और उसे जीवन्त बना कर लिखने की कला है। 'दुख मे सुख से जीने की कला' पुस्तक इसका सशक्त प्रमाण है। यह मृत्यु के मुख में बैठ कर आनंद से जीवन जीने की गाथा का ऐसा वर्णन है जिसे जीवन में सहज उतारा जा सकता है।
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹340.00Current price is: ₹340.00.Sku: 9789367070086दुख मे सुख से जीने की कला (Dukh Me Sukh Se Jeene Ki Kala)
