“Rapunzel cuts her plait” has been added to your cart. View cart
- -25%उत्तर प्रदेश का यह नाम, शायद, इसलिए भी पड़ा होगा, क्योंकि यहाँ पर आप किसी बच्चे से भी, कोई प्रश्न करें, तो उसे उत्तर का ज्ञान हो ना हो, आपको एक अतरंगी जवाब अवश्य मिलेगा। यहाँ चौपाल पर बातें नहीं, बकैती होती है। कोरोना ने यहाँ आकर ही आत्महत्या की थी, यहाँ पर इतने विधायक नहीं हैं, जितने कि, विधायकों के भतीजे हैं। उसी उत्तर प्रदेश से निकला हूँ मैं, जिसे ज़िंदगी के गूगल मैप ने “आगे से दाएँ-बाएँ” करते हुए पहुँचा दिया, एक मेट्रो सिटी में। एक शहर जहाँ हरियाली है लेकिन गाँव का वो बरगद या पीपल का विशाल वृक्ष नहीं, मीटिंग और कॉन्फ्रेंस तो हैं लेकिन चौपाल नहीं, चिट चैट तो है लेकिन बकैती नहीं। मौखिक बकैती की पारिस्थितिक कमी के कारण, कलम को जरिया बनाया गया और ऐसे उपजा “बकैत कलम”।“बकैत कलम” सिर्फ़ एक फैंसी नाम का चुनाव नहीं है, इसमें निहित है, घंटों किसी विषय पर हमारा चिंतन और विश्लेषण और फिर कई ड्राफ्ट लिखना और उनको अंतिम रूप देना। “उपहारम” उसी प्रक्रिया का एक मीठा फल है।एक ठीक-ठाक नौकरी है जीवन यापन के लिए, और क्वालिफिकेशन भी इतनी है कि आपको एक छोटी सी यात्रा पर ले जाने को सक्षम हैं। बाक़ी वर्मा, शर्मा जी का लड़का और पांडे, शुक्ला जी की बिटिया के चक्कर में मत पड़ो आप, मैं आपका दोस्त हूँ और नहीं हूँ तो आशापूर्वक यह पुस्तक पढ़कर जल्द बन जाऊंगा।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹151.00Current price is: ₹151.00.in PoetrySku: 9789357827096उपहारम् (UPHARAM): अंजनेय को समर्पित
